भृगु संहिता संस्थान, प्रतापगढ़ (उत्तर प्रदेश) भारत
भृगु संहिता की प्रथा हमारे परिवार में पीढ़ियों से चली आ रही है। हमारा पैतृक कार्यस्थल ग्राम ब्रह्मपुर (खजुरनी), पोस्ट रामपुर गौरी, जनपद प्रतापगढ़ (उ.प्र.) में है। वर्तमान में हमारा कार्यालय दो जनपद में संचालित है। मूल कार्यालय कटरा रोड, सिविल लाइंस, प्रतापगढ़ (उ.प्र.) में स्थित है और कार्यालय की दूसरी शाखा प्रयागराज जनपद में शान्तीपुरम् में स्थित है। इन दोनों स्थलों पर भृगु संहिता से जन्म कुण्डली का निर्माण एवं सम्पूर्ण जीवन का शुभाशुभ फलादेश सुनाया जाता है। इसके अतिरिक्त भृगु संहिता संस्थान में ग्रह शान्ति, वेदोक्त एवं तंत्रोक्त मंत्र का जप एवं प्रायश्चित आदि की क्रियाओं को विद्वान पंडितों के द्वारा सम्पन्न करवाया जाता है। अगर आपको भृगु संहिता दुर्लभ पाण्डुलिपि से अपने भूतकाल, वर्तमान काल, भविष्य काल एवं पूर्व जन्म के बारे में विस्तृत जानकारी चाहिए तो भृगु संहिता संस्थान से सम्पर्क करिए।
हमारी सेवाएं
भृगु संहिता से कुण्डली का निर्माण
भृगु संहिता दुर्लभ पांडुलिपियों के द्वारा सम्पूर्ण जीवन एवं पूर्व जन्म का शुभाशुभ फलादेश मूल भाषा संस्कृत एवं उसका हिन्दी रूपांतरण कापी में लिखित रूप में दिया जाता है।
प्रश्न कुण्डली के द्वारा शुभाशुभ फलादेश
जन्म तिथि एवं जन्म समय न ज्ञात हो तो भृगु संहिता के प्रश्न खंड के माध्यम से कुण्डली का निर्माण किया जाता है इसके अतिरिक्त तात्कालिक प्रश्नों का उत्तर एवं समाधान की प्रक्रिया भी बताई जाती है।
भृगु संहिता संस्थान में ग्रह शान्ति एवं प्रायश्चित की व्यवस्था
भृगु संहिता संस्थान में योग्य एवं कुशल पंडितों के द्वारा नवग्रह शांति मंत्र जप एवं प्रायश्चित आदि को सम्पन्न करवाने की व्यवस्था है। इसके अतिरिक्त सभी ग्रहों के रत्न, उपरत्न एवं यंत्र आदि भी उपलब्ध हैं।
